अभिशाप


क्यों है मेरा हृदय आज इतना हताशनिरंतर घट रही घटनाओं से निराश PLASTIC मन में नही है कोई सार्थक विचारजैसे हो गया मैं पूर्णतः निराधार CORONA स्तब्ध हूं परन्तु कारण विलुप्तशिथिल शरीर है लक्ष्य है गुप्तजीव हत्या मूल मंत्र बन चुका हैमनुष्य अधर्म राह बढ़ चला है DEPRESSION प्राकृतिक उपहारों को नष्ट करनादानव मानव अपना... Continue Reading →

Pollution


Kyu faila hai itna dhua Ye kiski galti hai, ilzam laga rahe hum ek dusre par, Insano se achchi to janvaro ki basti hai, Hum sare paryavaran rakshak hai, Saare hai prakriti premi, Lekin apni suvidhao k chalte, Bhool jati hai apni karni, Insano k naam par hmne daag laga diya hai, Sabse samajhdar Prani... Continue Reading →

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