Nepotism


खुश रहिए


आप सभी से ये कहना चाहता हूं कि अगर आपको कभी भी ऐसा लगे कि आपके पास कोई नहीं है बातें करने के लिए तो आप मुझे Message कर सकते है , अगर आपको ये लगता है के आप डिप्रेशन में है, तो आप कभी भी मुझे Message कर सकते है ।

अधर्म


स्वार्थ परम कर्तव्य बन गया, हंसी ठिठोली ले गई प्राण, अपने लिए करते प्राकृतिक नुकसान, फिर घड़ियाली आंसू रोए इंसान, दिखावा करने की आदत, रोकर सबके सामने बने महान, https://youtu.be/TMrtLsQbaok वृक्ष कट रहे हर पल, वायु प्रदूषित हो रही है, जल हो गया विषैला, प्रजातियां दुर्लभ हो रहीं है, पुराणों में लिखा एक महापाप, गर्भपात... Continue Reading →

Middle class


अब मजदूरों का रोना धोना बंद कर दीजिये ! मजदूरो घर पहुंच गया तो...उसके परिवार के पास मनरेगा का जॉब कार्ड , राशन कार्ड होगा! सरकार मुफ्त में चावल व आटा दे रही हैं ! जनधन खाते होंगे तो मुफ्त में पैसा भी दिया जाएगा 2000 रु. ! अब जरा उसके बारे में सोचिये.. जिसने... Continue Reading →

कहीं देर न हो जाए।


बोल के मेरा वक्त नजदीक है, तेरे बोल मेरे दिल का मरहम है, तू बोले, ये खुदा का करम है

दोस्ती


दौर था वो बचपन का, सबकी बातों में लड़कपन था, दिखावे से दुनिया चलती है, ये सोचकर सब बातें बनती थी, मिले कुछ दुश्मन ऐसे, जो दिल में बस गए, लड़ते लड़ते पता नहीं लगा, कब सब ज़िन्दगी बन गए, दोस्ती शब्दों की मोहताज नहीं है, आसानी से लिख दूं, ये वो अल्फ़ाज़ नहीं है,... Continue Reading →

कोरोना


हम भी चल रहे थे, साए भी वहां थे, इशारे थे कितने , समझदार कहां थे, सब बैठे घर में जानवर तक न वहां थे, कुछ जाहिल घूम रहे सड़कों पर, फैलाते फिर रहे बीमारी हर जगह ये, बस अपनी मनमानी करते ये,। गलत को गलत बोलना न जाने, ये करदे तो सही, बाकी किसी... Continue Reading →

अमृता प्रीतम


20वीं सदी की महान लेखिका अमृता प्रीतम। भारत विभाजन की त्रासदी को शायद ही इतने जीवंत अंदाज़ में किसी और लेखक ने उकेरा हो। उनकी कविताएँ, कहानियाँ, उपन्यास एवं निबंध एक आज़ाद ख़याल औरत की दास्तान हैं। दुःख स्थायी तो है लेकिन उस दुख के कारणों की पड़ताल उनका प्रमुख विषय रहा। उन्होंने अल्फ़ाज़ को... Continue Reading →

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